पर अपने आप से हर रोज, ही मैं हार जाता हूँ !!!

मैं अपना लक्ष्य रखता हूँ ,
मैं तदबीरें बनाता हूँ ,
पर अपने आप से हर रोज ,
ही मैं हार जाता हूँ ,

सबक़ बस चार पढ़ने हैं ,
ये लगता है बहुत आसाँ ,
मगर बैठा जो ले उनको ,
तो मन न मैं लगाता हूँ ,

फेसबुक भी है और
यहाँ पर व्हाट्सप्प भी है ,
बहुतेरे विकर्षण में ,
मैं सब कुछ भूल जाता हूँ ,

यहाँ जाना, वहां जाना ,
इसे मिलना, उसे मिलना ,
वो दफ्तर के बहुत सारे,
ईमेल्स हैंडिल करना ,
चलते चलते इन राहों में ,
कहीं मैं खो सा जाता हूँ ,

है रखना याद ये मुझको ,
की मंज़िल दूर है मेरी ,
और राहों से भटकने का,
यहाँ हक़,मैं न पाता हूँ !!!

 

*तद्वीर  – Plan / Strategy
*विकर्षण – Distraction
*सबक़  -Lesson

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