मैं कौन हूँ ??

मैं हूँ असत और सत भी मैं ,
मैं हूँ विष और अमृत भी मैं ,
मैं हूँ धरा, पाताल मैं ,
मैं हूँ अग्नि और काल मैं ,

मैं हूँ सतत संघर्ष में ,
मैं ही सभी के हर्ष में ,
मैं हूँ चकोर, मैं चाँद भी ,
मैं शीत हूँ, मैं निदाध भी ,

मैं प्रेम हूँ, मैं वियोग भी ,
मैं ही सनातन, मैं योग भी ,
मैं शून्य में , मैं सलिल में ,
मैं राख में, मैं अनिल में,

मैं देव हूँ और दैत्य भी,
मैं ही नटों का नृत्य भी,
मैं शैल एक विशाल हूँ ,
मैं हूँ चरण, मैं कपाल हूँ ,

मैं पाण्डु हूँ और कुरु भी ,
गोविन्द मैं और गुरु भी,
मैं कृष्ण हूँ, मैं पार्थ हूँ ,
मैं कल्पना, मैं यथार्थ हूँ ,

क्यों ढूंढता फिरता मुझे,
क्यों मैं नहीं दिखता तुझे,
एक हूँ मैं अनेक में,
मैं ही प्रकट प्रत्येक में !!!

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